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  • श्री देवेन्द्र बोरा जी मंडपम सभागार में एक्यूप्रेशर प्रशिक्षण देते हुए। (1995)
  • राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पं. केसरी नाथ त्रिपाठी एवं श्री नरेन्द्र कुमार सिंह गौड़।
  • मंडपम सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोरिया के एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ श्री पार्क जे वू एवं श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी। (2000)
  • सुजोक प्रशिक्षण कार्यशाला में त्रैमासिक पत्रिका एक्यूप्रेशर /एक्यूपंचर सरस्वती का विमोचन करवाते हुए श्री एम बी त्रिपाठी एवं श्री के सी गोयल जी (2001)
  • पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए श्री मुरली मनोहर जोशी (2004)
  • पहले आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के संस्थापक संरक्षक श्री श्याम सुंदर सराफ जी (2006)
  • सरस्वती आश्रम का भूमि पूजन करते हुए न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्त एवं न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय (2007)
  • प्रज्ञा चैनल पर एक्यूप्रेशर उपचार का सजीव प्रसारण की घोषणा करते हुए चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर (2008)
  • राष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रिटाइज 15 का विमोचन करते हुए न्यायमूर्ति प्रेम शंकर गुप्त जी। ( 2008)
  • एक्यूप्रेशर कालेज परिसर के प्रथम चरण का कार्य सम्पन्न होने के बाद का दृश्य।( 2008)
  • सरस्वती आश्रम निर्माण के आरम्भिक चरण का दृश्य । (2008)
  • राष्ट्रीय सम्मेलन में एक बिन्दु उपचार के द्वितीय अंक का विमोचन करते हुए न्यायमूर्ति श्री गिरिधर मालवीय। (2008)
  • इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के प्रथम बैच का सर्टिफिकेट वितरण (2009)
  • आवासीय प्रशिक्षण (मारवाड़ी धर्मशाला ) में मानव शरीर विज्ञान की कक्षा लेते हुए स्व. डाॅ. जी सी अग्रवाल जी (2009)
  • आठवीं आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में संकल्प ज्योति प्रज्जवलित करते निदेशक जे पी अग्रवाल एवं इलाहाबाद मंडल के मंडलायुक्त श्रीउमाधर द्विवेदी(2009)
  • राष्ट्रीय सम्मेलन में शपथ ग्रहण करते प्रशिक्षुगण का एक विहंगम दृश्य (2010)
  • मंडपम सभागार में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के पंजीकरण में तल्लीन श्री एस पी सिंह एवं स्व. हरीश श्रीवास्तव जी। (2010)
  • जामनगर विश्वविद्यालय में कुलपति द्वारा निदेशक श्री जेपी अग्रवाल एवं श्री बी पी शुक्ल जी का स्वागत। (2011)
  • एकेडमी ऑफ नेचुरोपैथी प्रथम
  • चयनित प्रवक्ता राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रवक्ता प्रमाण पत्र के साथ (2011)
  • आदरणीय अग्रवाल सर विशिष्ट अतिथि श्रीमती रूपा काटजू w/o जस्टिस के एन काटजू के समक्ष संस्थान के प्रकाशन /साहित्य की जानकारी देते हुए। (2012)
  • एकेडमी आफ नेचुरोपैथी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते जस्टिस वी के चतुर्वेदी (2012)
  • एक्यूप्रेशर कालेज के शुभारंभ पर देव स्तुति करते हुए श्री एम पी खेमका सर(2012)
  • छतनाग, सरस्वती आश्रम में चायनीज आवासीय प्रशिक्षण में संस्थान के अध्यक्ष आदरणीय खेमका जी।
  • आयुर्वेदिक विश्व विद्यालय जामनगर के तहत एक्यूप्रेशर के प्रथम बैच की परीक्षा का निरीक्षण करते हुए संस्थान के पूर्व महासचिव स्व. श्री बी पी शुक्ल (2014)
  • ग्यारह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का उद्घाटन समारोह सरस्वती आश्रम छतनाग में । (2014)
  • सरस्वती आश्रम छतनाग में स्वच्छता अभियान में भाग लेते पूर्व महासचिव स्व. बी पी शुक्ल एवं श्री ए के द्विवेदी जी(2015)
  • ASPEUS officials with Smt Meenu Tiwari and Smt Arundhati Bhosle (w/o Hon, Cheif Just. Mr D B Bhosle, High Court Alld)
  • मिंटो रोड (मुख्यालय एसपस) में उपचार कराते मरीज (2015)
  • इलाहाबाद के प्रसिद्घ यूरोसर्जन डॉ सिद्धार्थ आवासीय प्रशिक्षण में मानव शरीर के बारे में जानकारी देते हुए। (2016)
  • तकनीकी एवं आवासीय व्यवस्था (परिसर ) अभय त्रिपाठी, राजेश वर्मा, प्रभात वर्मा, नमिता प्रजापति रामकुमार शर्मा विशाल जाय वाल एवं सुनील मिश्रा
  • कार्यालय व्यवस्थाएं..... श्रीराम केसरवानी करन केसरवानी अनिल कुमार शुक्ला, आर एन गुप्ता एवं जी डी गुप्ता (2017)
  • 19वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में केन्द्रीय परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे जी अध्यक्ष श्री एम पी खेमका जी के साथ श्री एस के गोयल एवं प्रवर समिति के प्रमुख पदाधिकारी (2017)
  • संस्थान की सक्रिय महिला प्रकोष्ठ की सदस्याएं
  • श्री जे पी अग्रवाल जी एवं श्री जयपाल दास जी के साथ क्रियान्वयन समिति (WEC) (2017)

Each One Reach One, Each One Teach One, Each One Treat One.

About Us

Acupressure Research, Training and Treatment Sansthan was founded at Allahabad, India on 26 Mar 1995 as an organization of selfless volunteers with the main objective of serving humanity through free acupressure treatment to the sick and the ailing. The Sansthan had a humble beginning and started off on a modest scale with a group of seven volunteer men treating 12 patients free of cost in a borrowed building. The sapling planted in the year 1995 has today become a banyan tree and the small Allahabad group of seven has turned into a large country wide cohesive group of countless thousands. As the name of the Sansthan suggests, it is also very actively involved in research and training activities pertaining to acupressure therapy.

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